विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा सरकार ने छुट्टी निरस्त कर आदिवासीयों से लिया सीधा पंगा- रामचरण इरपाचे




आठनेर:- विश्व आदिवासी दिवस पर इस बार अनोखा दुखने को मिला,कोविड-19 का अनुपालन करते हुये स्थानीय संगठन युवा आदिवासी विकास संगठन आठनेर के नेतृत्व मे 13 जोनो आठनेर, राबड्या,बोथी, वडाली,हिडली,सातकुंड,पलासपानी, केलबेहरा,मेंढाछिंदवाड़,गोंडी घोघरा, खैरवाडा,बोरपानी, मानी मे विश्व आदिवासी दिवस धूम धाम से मनाया गया,जिसमे सभी सेक्टरों पर मुख्यअतिथि के रूप मे आठनेर मे सी आर उइके सर,डॉ प्रीतम कुमरे, जिला अध्यक्ष म.प्र आदिवासी विकास परिषद मुन्नालाल वाडिवा,आकास कार्यवाहक अध्यक्ष संजू धुर्वे,राबड्या मे युवा आदिवासी विकास संगठन ब्लॉक अध्यक्ष जयचंद सरियाम,इंजी. विजय उइके,संरक्षक आकास आठनेर कमल मर्सकोले,भुमका सोनू इवने,बोथी मे दिनेश इवने,हरिशंकर इरपाचे,श्यामराव उइके,वडाली मे कमल मौसिक,नीलेश धुर्वे,स्वामी मर्सकोले, हिडली मे युवा आदिवासी विकास संगठन संरक्षक रामचरण इरपाचे, मिडिया प्रभारी कमल धुर्वे, बंसीलाल धाडसे,टी आर धुर्वे,सातकुंड मे डॉ प्रशांत,उमेश वर्टी,लक्ष्मण आहाके,पलासपानी मे अमरलाल मरोप,सतीश इवने,केलबेहरा मे तुलाराम उइके,रामप्रसाद धुर्वे,आकास ब्लॉक अध्यक्ष धनराज उइके,मेंढा छिंदवाड़ मे रामु धाडसे,हरिराम मरोपे,खैरवाडा मे कार्यवाहक अध्यक्ष युवा आदिवासी विकास संगठन आठनेर सुभाष उइके, सचिन वास्कले,बिकेडी प्रदेश अध्यक्ष अजय कवडे,रामजीलाल बारस्कर,गोंडी घोघरा मे आकास उपाध्यक्ष सुभाष धुर्वे,युवा आदिवासी विकास संगठन ब्लॉक सचिव आनंद धुर्वे, मानी मे सोनारे जी उपस्थित थे,जिसमे समस्त ग्राम वासीयों द्वारा अपने गांव से रैली के माध्यम से सेक्टर मे जुड़े,जहाँ डॉ प्रीतम कुमरे ने आठनेर सेक्टर पहुँच कर आदिवासीयों के बौद्धिक विकास पर प्रकाश डालते हुये कहाँ कि आदिवासीयों के पास बुद्धि कि कमी नहीं है, मगर वह उसका सही तरीके के सदुपयोग नहीं कर पाते है इसी कारण से दुसरो के गुलाम आज बनते आ रहे है जिस दिन खुद को पहचान लिया उस दिन समाज का विकास हो जाएगा,रामचरण इरपाचे ने कहाँ कि विश्व आदिवासी दिवस सत्र 2019 मे ऐच्छीक अवकाश घोषित किया गया,सत्र 2020 कांग्रेस सरकार ने सार्वजानिक छुट्टी घोषित किया गया, और



सत्र 2021 मे भाजपा सरकार तानाशाह पर उतर कर सीधे आदिवासियों को ललकार दिया है,अब भाजपा सरकार और आदिवासी 2023 के चुनाव मे आमने सामने होंगे, श्री इरपाचे ने कहाँ तुम नोटों से खरीदने तैयारी रखो हम वोटो से जवाब देने तैयार रहेंगे, सेक्टर राबड्या मे जयचंद सरियाम ने अपने उद्बोधन मे कहाँ देश स्वतंत्रता के 73 साल बीत गये आज प्रयन्त तक आदिवासी के साथ न्याय नहीं हुआ, उन्ही आदिवासी के देश मे वे आज भी गुलामो के तरह जीने को मजबूर है, सेनानियों के कारण 5वी -6वी अनुसूची का प्रावधान संविधान मे हुआ मगर सरकारे डरती है इसे लागु करने मे, जब भी कोई दरवाजे मे वोट मांगने आये पूछना जरूर क्या किया 5 साल मे आदिवासीयों के लिऐ, वही पूर्व मे गोंड-कोरकू राजा महाराजा रहे उनके किले खंडर हो रहे और पूरा तात्विक विभाग भी गहरी नींद मे सो रहा है,मुन्नालाल वाडिवा ने कहाँ राजनीति आते और जाती रहती है मगर इससे घटी के पखवाडो मे आदिवासी पीस जाता है,खैरवाड़ा सेक्टर मे सुभाष उइके ने कहाँ आदिवासीयों के नाम पर हर साल बजट पेश होता है मगर धरातल पर दिखाई नहीं देता,अब आपके विकास का पैसा कागजो मे खत्म हो जाता है, उठो और आरटीआई फाइल करो और जानो तो आपके जिले के लिऐ कितना पैसा आबंटित हुआ और उसका क्या हुआ,बोथी सेक्टर मे दिनेश इवने ने कहाँ आदिवासी दिवस हमारे संस्कृति, सभ्यता को उजागर करने का दिवस है, हमारे कल्चर को जिन्दा करने का दिवस है, हमें गर्व है कि हम आदिवासी है, इस देश के मूलनिवासी है,वडाली सेक्टर मे डॉ संजू धुर्वे ने कहाँ आज आदिवासी अपने आप को प्रकृति पूजक मानता है, और प्रकृति का नियम परिवर्तन होता है, हमें समय के अनुरूप हमें बदलना पड़ेगा तभी विकास संभव, सेक्टर सातकुंड मे डॉ प्रशांत आहातकर ने अपने उद्बोधन मे युवाओं को संदेश देते हुये कहाँ आज हमारा एकत्रित होना संयोग मात्र नहीं, हमें अपने आप को कैसे ऊर्जावान बनाये कैसे शिक्षा ग्रहण कर डॉक्टर, इंजिनियर, प्रोफेसर, वरिष्ठ अधिकारी बन गांव का नाम रोशन करे इस बात पर विचार करना है आप सभी को आगे बढ़ना है,सेक्टर पालासपानी मे डॉ रतिराम आहाके ने कहाँ हमारे समाज मे युवतिया कम पड़ी लिखी,या समान योग्य युवक नहीं होने के कारण गैर आदिवासीयों के जाल मे फस जाती है, गैर आदिवासी लोग हमारी समाज कि युवतियों का शोषण अत्याचार कर रहे है, आये दिन कुछ न कुछ सुनाई देता है, हाथरस जैसी घटना से आदिवासी युवतियों को सिख लेनी चाहिए,सेक्टर केलबेहरा मे तुलाराम उइके ने कहाँ आदिवासी वर्तमान मे बेरोजगारी से चिंतित है पढ़ लिख कर खेत मे काम करने लायक भी नहीं रहे और व्यवसाय करने पैसे भी नहीं है करें तो क्या करें आदिवासी युवावो के सामने बड़ा प्रश्न है,सेक्टर मेंढाछिंदवाड़ मे रामु धाड़से ने कहाँ कि अगर परिवर्तन लाना है तो उच्च स्तरीय पदों को पाना होंगा जहाँ से सिस्टम चलता है नीचे हो हल्ला करने से कोई फायदा नहीं,सेक्टर गोंडी घोघरा मे सुभाष धुर्वे ने कहाँ कि अपने बच्चों को शिक्षा सिर्फ किताबी नहीं देनी चाहिए,उसके साथ व्यवहारिक गुण भी हमे परोसना चाहिए,सेक्टर बोरपानी मे जयराम आहाके ने कहाँ आदिवासी क्षेत्र पेशा कानून सरकार लागु करे,सरकार संविधान का पूर्ण रूपेण पालन करे, आदिवासीयों के हक अधिकार के साथ खिलवाड़ न करे, सभी कार्यक्रम मे हजारों कि संख्या मे जन सैलाब था,सभी जगह कार्यक्रम प्रभारियों ने संचालन अति उत्तम किया!

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